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2015-16 तक सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में 10 से 12 परसेंट में मायोपिया होता था, लेकिन कोरोना के बाद बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का डिजिटल टाइम काफी बढ़ गया है, इसकी वजह से अब इसमें à¤à¥€ इजाफा हो गया है। इस पर सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ जारी है, जिसमें कोविड से पहले, कोविड के दौरान और कोविड के बाद की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ हो रही है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने कहा कि मायोपिया में आंख की पà¥à¤¤à¤²à¥€ का साइज बढ़ जाता है और इसकी वजह से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब रेटिना पर नहीं बनता है बलà¥à¤•ि इससे थोड़ा अलग हटकर बनता है। जिससे दूर की चीज धà¥à¤‚धली दिखती है, लेकिन पास की चीजें ठीक दिखती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ टाइम कई घंटे बढ़ा : सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ टाइम बढ़ने से सà¥à¤•ूली बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मायोपिया तो बढ़ा ही है, उनके चशà¥à¤®à¥‡ का नंबर à¤à¥€ बढ़ रहा है। ओपीडी में à¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ मरीजों की संखà¥à¤¯à¤¾ बढ़ी है। दिकà¥à¤•त की बात यह है कि लोगों को सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ टाइम मैनेजमेंट पता नहीं है। लगातार छोटी सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ पर बचà¥à¤šà¥‡ काम करते रहते हैं, अपनी पढ़ाई करते हैं, गेमà¥à¤¸ खेलते हैं और सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ टाइम कई घंटे का हो जाता है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि अब बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में आउटडोर à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ कम हो गई, धूप में कम जा रहे हैं।
15 साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठदिन में दो घंटे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ टाइम नहीं होना चाहिà¤à¥¤ हर 20 मिनट पर 20 सेकंड का बà¥à¤°à¥‡à¤• लेना चाहिठऔर 20 मीटर दूर तक देखना चाहिà¤à¥¤ इससे आंखों को रिलैकà¥à¤¸ मिलता है और मसलà¥à¤¸ पर जोर à¤à¥€ नहीं पड़ता। कमरे की लाइट बेहतर होना चाहिà¤à¥¤ जहां पर बैठे हैं उसके पीछे से रोशनी आनी चाहिठन कि सामने से। पढ़ने के लिठटेबल और चेयर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें, सोफा या पलंग पर बैठकर न पढ़े। पॉशà¥à¤šà¤° सही रहना चाहिà¤à¥¤ बड़ी सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ बेहतर है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की दूरी कम से कम 5 फीट से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाती है।
सà¥à¤•ूल में à¤à¤• पीरियड आउटडोर गेमà¥à¤¸ जरूर होना चाहिठऔर घर पर à¤à¥€ रोजाना बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¤• घंटा आउटडोर होना चाहिà¤à¥¤ वहीं सà¥à¤•ूलों को साल में à¤à¤• बार सà¤à¥€ का विजन टेसà¥à¤Ÿ सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग कराना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि टीचर को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पता होता है कि किन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को देखने में कितनी दिकà¥à¤•त हो रही है। जो बचà¥à¤šà¥‡ चशà¥à¤®à¥‡ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं, उनकी जांच à¤à¤• साल में जरूर होनी चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि नंबर बढ़ने का खतरा रहता है। टीचर और पैरंटà¥à¤¸ की काउंसलिंग à¤à¥€ जरूरी है, ताकि वो इस परेशानी को समà¤à¥‡à¤‚ और इससे बचाव के तरीके पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
इन बातों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें
3 साल से पहले : कोई सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ टाइम नहीं
6 साल से पहले : इंटरनेट का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— नहीं
9 साल से पहले : विडियो गेम नहीं
12 साल से पहले : सोशल मीडिया का कोई पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— नहीं
सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ टाइम जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने पर असर
सबसे पहला असर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की आंखों की रोशनी पर पड़ रहा है
सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ को नजदीक और à¤à¤•टक देखने से आंखें डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ होने लगती हैं
यही हालात रहने पर आंखों की रोशनी कम होने लगती है
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सà¥à¤ªà¥€à¤š डिसऑरà¥à¤¡à¤° या देर से बोलने की समसà¥à¤¯à¤¾ आती है
कैसे करें सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²
घर में इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• डिवाइस के पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— के लिठà¤à¤• टाइम फिकà¥à¤¸ करें
इस पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ-साथ पैरंटà¥à¤¸ को à¤à¥€ अमल करना चाहिà¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को फिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें
मोबाइल, टैबलेट या टीवी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किसी à¤à¥€ सूरत में देर रात तक बेडरूम में न करें
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मोबाइल फोन रात होने पर अपने कमरे में ही रखें
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